शिशुपाल पर्वत के पूर्वी भाग में स्थित घोड़धार जलप्रपात का द्रिस्य हर पर्यटक को रोमांचित कर देता है करीब 1100 फ़ीट की उचाई से झरने के रूप में गिरती जलधारा वृहत जलप्रपात का निर्माण करती है पर्वत में स्थापित शिव मंदिर आस्था का मुख्य केंद्र है प्रति वर्ष मकर संक्रांति एवं महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ मेला लगता है पुजारीपाली के पास वन विभाग द्वारा नर्सरी प्लांट तैयार किया गया है जिसे विकसित किया जा सकता है तलहटी में बसा बस्तीपाली जगतवंशी राजाओ का राजमहल आज भी खंडहर के रूप में अपना अतीत गौरव का बखान कर रहा है